Pangolin Kya Hai? Pangolin ke baare me sampoorn jaankari | Rare Animal Full Details in Hindi
हाल ही में वन विभाग द्वारा चलाए गये अभियान में छतीसगढ़ में जिन्दा Pangolin की तस्करी करते हुए दो व्यक्ति का नाम आया है जो Pangolin को छिपा कर बेचने ले जा रहे थे | जिन्दा Pangolin का सौदा करीबन 50 करोड़ रूपये में होने की बात कही गयी है | हम इस लेख में समझेंगे की यह जानकारी इतना कीमती क्यों है जिसकी हमारे जीवन में क्या भूमिका है ? एवं Pangolin से संबंधित सभी बातो को यहाँ एक ही लेख में समझ आसान भाषा में |
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पैंगोलिन क्या होता है?
पैंगोलिन एक बहुत ही विशेष और दुर्लभ जंगली जानवर है जिसे अक्सर "स्केली एंटीटर" भी कहा जाता है। इसके शरीर पर कठोर परत (Scales) होते हैं जो इसे दूसरे जानवरों से अलग बनाते हैं। पैंगोलिन एक स्तनधारी (स्तनपायी) है, लेकिन इसकी शारीरिक संरचना बहुत अलग होती है।
पैंगोलिन की सबसे बड़ी पहचान इसका स्केल से ढका हुआ शरीर है। जब इसे खतरा महसूस होता है तो ये अपने शरीर को गोल गेंद की तरह लपेट लेता है, जिसे शिकारी इसे आसान से नुक्सान नहीं पहन पाता।
पैंगोलिन दुनिया का सबसे अनोखा जानवर क्यों माना जाता है?
पैंगोलिन दुनिया के सबसे अलग जानवरों में से एक माना जाता है क्योंकि:
- इसके शरीर पर तराजू (Scales) होते हैं
- ये दांत के बिना जीता है
- इसकी जिभ बहुत लंबी होती है
- ये कीड़े और चिटियाँ खाता है
- ख़तरे में गोल हो जाता है
- ये गुण इसे वन्यजीवन दुनिया में अद्वितीय बनाते हैं
पेंगोलिन कहाँ मिलता है?
पैंगोलिन अधिकतर एशिया और अफ्रीका के कुछ हिसों में पाया जाता है। भारत में भी कुछ स्थान पर पैंगोलिन मिलते हैं, खास कर जंगल और पहाड़ी इलाकों में।
ये देशो में भी पाया जाता है:
- चीन
- नेपाल
- थाईलैंड
- काई अफ़्रीकी देश
पैंगोलिन क्या खाता है?
पैंगोलिन का मुख्य भोजन:
- चिटियाँ
- दीमक
- छोटे कीड़े
इसकी जिभ बहुत चिपचिपी और लंबी होती है, जिसे ये दिमाक के बिल में डाल कर भोजन निकाल लेता है।
पैंगोलिन के शरीर की विशेषताएं
1. स्केल से ढाका शरीर
पैंगोलिन के स्केल्स केराटिन से बने होते हैं, जो इंसान नाखुन जैसा पदार्थ है।
2. बहुत लंबी जिभ
कभी-कभी जिभ शरीर से भी लंबी होती है। जिससे वह चीटियों के बिल के गहराई से भी अपना भोजन निकाल लेते है |
3. दांत नहीं होते
दांत नहीं होने के कारण ये भोजन को सीधा निगल लेता है।
4. सुरक्षा का अनोखा तरीका
खतरा होने पर गोल हो जाता है।
पैंगोलिन लुप्तप्राय क्यों है?
आज पैंगोलिन की संख्या बहुत तेजी से कम हो रही है क्योंकि:
- अवैध शिकार
- वन्यजीव तस्करी
- जंगल का मतलब
- गलत धरनों के कारण शिकार
दुनिया भर में पैंगोलिन को बचाने के लिए कई वन्यजीव संगठन काम कर रहे हैं। इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर ने पैंगोलिन को संकटग्रस्त प्रजातियों की श्रेणी में रखा है।
भारत में पैंगोलिन को कानून सुरक्षा
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 जिसमे 2022 में संसोधन किया गया | जिसके तहत पेंगोलिन का शिकार करना कानूनन अपराध है। अगर कोई पैंगोलिन का शिकार करता है तो उसका बचाव किया जा सकता है।
पैंगोलिन से जुड़ी रोचक बातें
पैंगोलिन रात में ज्यादा सक्रिय होता है
ये अकेला रहना पसंद करता है
इसकी गंध भावना बहुत मजबूत होती है
ये पेड़ पर भी चढ़ सकता है
पैंगोलिन और प्रकृति का संबंध
पैंगोलिन प्रकृति के लिए बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि ये कीड़ों को नियंत्रित करता है। अगर पैंगोलिन न हो तो दीमक और चिटियां बहुत बढ़ सकती हैं। जिससे प्रकृति पर काफी खराब प्रभाव पड़ेगा |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न - पैंगोलिन से जुड़े आम सवाल
Q1. पैंगोलिन क्या सच में दुर्लभ जानवर है?
हां, पैंगोलिन दुनिया के दुर्लभ और लुप्तप्राय जानवर मेरे बीच एक हैं।
Q2. क्या पैंगोलिन इंसान को नुक्सान पूछता है?
नहीं, पैंगोलिन बहुत शांत जानवर है।
Q3. पैंगोलिन का सबसे बड़ा दुश्मन कौन है?
अवैध शिकारी और वन्यजीव तस्कर।
Q4. पैंगोलिन का वैज्ञानिक महत्व क्या है?
ये पारिस्थितिकी तंत्र संतुलन बनाए रखने में मदद करता है।

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