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वर्तमान में
कुछ लोगो की मानसिकता ऐसी हो गई है कि वह अपने आस-पास के लोगो को सुखी व शांति
पूर्वक पूर्वक जीवन व्यतीत करते हुए देख नहीं पाते है | और हर वक्त इस प्रयाश में
रहते है कि कैसे इसकी शांति को भंग किया जाय | इसके लिए वह केश मुकदमे का सहारा
लेने लगते है और FARJI FIR आपके खिलाफ या परिवार में किसी पर कर देते है | ताकि आप पुलिस और कोर्ट
के चक्कर लगाते रहे है | वर्तमान की पुलिस के बारे में तो सब वक्त ही होंगे | बिना
पैसो के तो वह सुनने से रहे | इन सब से आपकी जिन्दगी काफी तनाव में आ जाती है |
किन्तु आपको तनाव में रहने कि कोई आवश्यकता नहीं है | इस लेख में हम इससे संबंधित
पूरी जानकारी देने वाले है कि अगर कोई आपके विरुद्ध राजनीति वश या द्वेष पूर्वक
फर्जी FIR कर देता है तो झूठी एफआईआर करने वाले पर आप कैसे धारा 482
C.R.P.C सजा कराये और आप इस फर्जी FIR से कैसे बचेंगे |
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Jhuthi-FIR-se-Kaise-Bache |
इस लेख में FARJI
FIR से नाम हटाने के लिए आवेदन कैसे लिखे? इससे संबंधित एक आवेदन का उदाहरण भी
दिया गया है | एवं इस लेख के निचे में फर्जी FIR से नाम हटाने के लिए आवेदन का Pdf
फ़ाइल भी आपके लिए उपलब्ध कराया गया है | जिसे आप download करके अच्छे से समझ
पायेंगे| एवं Pdf में सुधार करके, फर्जी FIR के खिलाफ आवेदन भी लिख पाएंगे | इसलिए
पूरी जानकारी के लिए यह लेख पूरा अच्छे से पढ़ के समझे |
FIR kya hota hai in hindi
Full form of F.I.R.– First
Information Report, जिसे हम प्रथम सूचना रिपोर्ट अर्थात प्रथिमिकी
के भी नाम से जानते हैं। बिहार में गाँव के लोगो अक्सर आपको यह कहते मिल जायेंगे
कि फलनवा पर थाना में केश कईलेबानी | जबकि वह थाने में F.I.R. दर्ज कराये होते है । FIR किसी भी अपराध के खिलाफ उठने वाली पहली सीढ़ी है जिससे मुजरिम का सलाखों के
अन्दर जाना सुनिश्चित होता है | अगर आपको
कोई जान से मारने का धमकी दिया या आपके साथ मारपीट वो हाथापाई हुए है वह सर्वप्रथम
आप पुलिस स्टेशन में F.I.R दर्ज कराये ताकि पुलिस मामलों की जाँच कर कार्यवाही
जल्द से जल्द कर सके ।
F.I.R में अगर आप शिकायत करता है तो आपको अपराध के बारे में पूरी जानकरी देनी होती है। जिससे पुलिस आपकी की पूरी तरह से
मदद कर सके और अपराधी को उसके किये गए अपराध के लिए दंड दे सके। ताकि समाज में न्याय/अनुशाशन
बनी रहे । FIR दर्ज होने के बाद पुलिस अपनी कारवाही करना
शुरू कर देती है। और जैसे ही अपराधी पकड़ में आता है उसे अपराध के अनुसार व संविधान
के दंड प्रक्रिया के तौर पर जुर्माना, शारीरिक दंड या फिर
जेल की सजा दी जाती है। जब अपराधी द्वारा गंभीर अपराध करते है तो इस तरह के संगीन अपराधों में अपराधी को दंड के
रूप में फांसी तक की सजा दी जाती है।
Jhuhi Fir se kaise bache ?
आप अगर
ध्यान दे तो चुनाव के कुछ दिनों पहले या अगर किसी त्यौहार में सामूहिक झड़प होती है
तो गवही राजनीति एवं द्वेष कि भावना से कुछ लोग किसी निर्दोष व्यक्ति के खिलाफ Jhuthi FIR दर्ज करवा देते हैं। और निर्दोष
नागरिकों को परेशानी में डाल देते हैं। लेकिन संविधान में इसके लिए भी व्यवस्था की
गई है। यदि कोई Jhuthi FIR किसी व्यक्ति के खिलाफ दर्ज करवा
देता है, तो वह नागरिक सरकार द्वारा दिए गए अपने अधिकार का
उपयोग करके उस व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्यवाही कर सकता है जिसने Jhuthi
FIR दर्ज करवाई है। एवं Jhuthi fir से अपना नाम भी हटावा
सकता है |
धारा 482 C.R.P.C आपकी मदद Jhuthi FIR में कैसे कर सकता हैं?
यदि कोई
व्यक्ति आपके खिलाफ किसी प्रकार का षड़यंत्र करके चोरी, बलात्कार, दहेज
का मुकदमा दर्ज करा देता है। इस Jhuthi FIR से आपको पुलिस के
चक्कर काटने पड़ सकते हैं। जिससे बचाव के
लिए सरकार ने यह धारा बनाई हैं। जहाँ आप अपने ऊपर लगाये गये फर्जी एफआईआर को रुकवा
सकते हैं। आपका मामला जैसे ही कोर्ट में जाएगा तो अधिकारी इस पूरे मामले की जाँच करते हैं।
जिससे सच्चाई का पता चल सके और जो अपराधी है उसे सजा हो सके।
Jhuthi FIR के खिलाफ आप कैसे लड़ सकते हैं?
इसके लिए यह उदहारण के तौर पर आवेदन
उपलब्ध कराया गया है जिसमे आवेदक के खिलाफ झूठा मुकदमा थाना में दर्ज हो जाता है
जिसके पश्चाता आवेदक द्वारा यह आवेदन स्थानीय जिलाधिकारी, अनुमंडल पुलिस
पदाधिकारी, एवं अन्य उच्च अधिकारियो के पास भेजा जाता है :-
फर्जी एफआईआर से नाम हटाने के लिए आवेदन पत्र :-
श्रीमान् आरक्षी अधीक्षक
महोदय,
(स्थान/पता का नाम )
विषय :- (स्थानीय थाना का नाम) थाना काण्ड सं० 00000368 दिनांक 01/11/2022 से नाम निकालने के संबंध में |
महाशय,
निवेदन पूर्वक कहना है कि दिनांक 01/11/2022 को रघुपुर में जो घटना घटित हुआ है वो जो समय अंकित है उस समय मेरे पुत्र आकाश कुमार(फर्जी एफआईआर में दर्ज व्यक्ति का नाम) रामपुर चौक पर नास्ता कर रहा था उसे उपरोक्त घटना के बारे में कोई जानकारी नहीं है पूर्व के रंजिश के तहत मेरे पुत्र का नाम दे दिया गया है | प्राथमिकी में मेरे पुत्र का नाम क्रम सं० 17 पर आकाश कुमार करके दर्ज है जो गलत है जो व्यक्ति मेरे पुत्र का नाम दिया वह ना मेरे पुत्र को पहचानता है ना ही सही नाम ही जानता है केवल रंजिश के तहत नाम देकर फंसाने का कार्य किया है | घटना के समय मेरा पुत्र रामपुर चौक पर था इसका प्रमाण वहां लगे सी० सी० टी० वी० से साबित हो सकता है साथ ही घटना स्थल का जो वीडियो है उसमे भी मेरा पुत्र कही नहीं है मेरा पुत्र निर्दोष है |
अत: श्रीमान् से प्रार्थना है कि मेरे आवेदन को स्वीकार करते हुए अपने स्तर से जाँच कर मेरे पुत्र का नाम उपरोक्त काण्ड से मुक्त करने की क्रिअपा प्रदान करे ताकि मुझे एवं मेरे पुत्र को न्याय मिल सके इसके लिए मैं एवं मेरा परिवार श्रीमान् के सदा आभारी रहेंगे |
आपका विश्वासी
( गवाह या आवेदनकर्त्ता का नाम, पूरा पता, दिनांक)
Jhute Case Se Kaise
Bache / झूठी FIR से बचने का तरीका –
जब कभी भी
आपके खिलाफ कोई फर्जी या झूठी FIR करता है तो आपको इससे बचने के लिए
आपको आपने बचाव के लिए सारे सबूतों को इकट्ठा करना है ताकि आप कोर्ट में या जनता दरबार में जाकर अपने बचाव वो
झूठी FIR के खिलाफ आवेदन दे सके | अगर आपका केश कोर्ट तक
पहुँच गया है तो इसके लिए की अच्छे वकील नियुक्त करें । जिसकी मदद से भी आप अपने लिए साबुत एकत्रित करके अपने
खिलाफ FIR को फेक साबित कर
सकते हैं।
झूठी
एफ़आईआर से कैसे बचें?
यदि कोई व्यक्ति आपसे द्वेष पूर्वक एवं राजनीति कारणों से एफआईआर करा देता है तो आप इससे बच सकते हैं। जिसकी जानकारी लेख में हमने आपको आवेदन के साथ उपलब्ध कराई है |
एफ़आईआर
दर्ज होने पर क्या होता है?
एफ० आई०आर दर्ज होने के बाद स्थानीय पुलिस दर्ज की गई एफ़आईआर के अनुसार अपराधिक स्थल पर जाकर पूरे मामले की जांच- पड़ताल करती है, स्थानीय लोगो से अपराध के संबंध में पूछताछ करना एवं अपराधिक स्थल से सबूतों को जुटाना |
FIR ka full form in English
FIR ka full form = First investigation /Information Report होता हैं। जिसे प्राथमिकी भी कहा जाता है
एफ आई आर. क्या निरस्त हो सकती है
यदि आपके
ऊपर किसी स्थानीय या किसी व्यक्ति द्वारा कोई झूठी एफ़आईआर दर्ज कराई जाती है , तो आप भारतीय दंड संहिता धारा 482
के तहत अपने खिलाफ दर्ज हुई फर्जी एफ़आईआर से नाम हटाने के लिए आवेदन
कर सकते है | जिसे लेख में ऊपर उदाहरण के तौर पर दिया गया है। इसके लिए आपको कोर्ट
में जाकर इस संबंध में अपने वकील के साथ सारी बातो को साझा कर इसका निवारण कर सकते
है।
Thanks
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